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जुलाई, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ज्योतिष (Astrology)-1

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         मनुष्य   सभी   प्राणियों  में  श्रेष्ठ  होने  के  फलस्वरूप  व अपनी  जिज्ञासु  प्रवृत्ति को शान्त    करने के लिए  निरन्तर  प्रयत्न शील  रहता है। अपनी  इसी अन्वेषण  के कारण  ज्ञान  विज्ञान  के नये  क्षेत्रों  व आयामों  का परिचय  व गहन  अध्ययन  सम्भव  हो सका। ज्योतिष  विज्ञान /शास्त्र  भी इसी  जिज्ञासावृत्ति  का सहज उत्कर्ष  है। मनुष्य  अपने   भविष्य  के प्रति  उत्सुक  रहता है, वह सभी प्रकार के पूर्वाभासो का लोभी दिखाई  देता है,  और   इसी के  कारण  अपने  अतीत  को न देखकर  भविष्य  को देखना  चाहता है।  यही कारण है कि  ग्रह, नक्षत्र, ब्रह्माण्ड, तारा,पिण्ड,    भचक्र  आदि का  ज्ञान  व अनुसंधान  करने की  दिशा में  प्राचीन  विद्वानों  व अन्वेषक  आच...

आरक्षण की पुनः समीक्षा ( Review of Reservation)

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  एक  बार   आरक्षण  के औचित्य  पर  पुनः   पूरे देश  में बहस हो रही है/आवाज़  उठ रही है  कि ,भारत 1947 में  आजाद  हो गया था ,अपना  संविधान  लागू  हुआ,   अपने  नियम  कानून  लागू हुये । संविधान  निर्माताओं  द्वारा  10 साल तक  के लिए  आरक्षण  का प्रावधान विशेष वर्ग  के लिए    इसलिए  किया गया था  कि,  सभी नागरिकों  की  की सामाजिक  व आर्थिक  स्थिति  एक स्तर  या बराबर  तक पहुँच जाय ,   लेकिन  आजादी  के  78   साल के  बाद   भी  कोई  सुधार  नहीं  हुआ और दिखाई  दे रहा है,   तो  इसका  फायदा  क्या हुआ ? इसको  समाप्त  किया  जाना ही वेहतर होगा।  लेकिन  अफसोस  इस बात का  है  कि   हमारे  प्रतिनिधियों   ने इसको  केवल  और केवल ...

ज्ञान का दीप जलाए रखूगा

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      आज के ब्लॉग में  एक सारगर्भित  कविता   का उल्लेख कर रहा हूं  , हो सकता है  कई पाठकों के द्वारा यह  पढ़ी  गयी हो , यह  एक  ऐसे महानविभूति के द्वारा  लिखित  है जिसको कि  केवल  देश  ही नहीं  जानता है,   अपितु  सारा संसार  जानता है , और आपका पूरा  जीवन  प्रत्येक  के लिए  एक आदर्श व प्रेरणा  का स्रोत रहा /रहेगा  ।   इसका  उल्लेख  मै कविता  के अंत मे करूंगा, मेरा लिखने का उद्देश्य  भी यही है कि  आने वाली पीढ़ी  को  ऐसी  कविता  , किताबें  व विचारों  को पढना  चाहिए, जिससे  उनमें  सृजनात्मकता  बढे और  वे  भी कुछ  अच्छा  करने के लिए  प्रेरित हो। चरेवेति चरेवेति।                              ज्ञान  का दीप  जलाए रखूगा  हे भारतीय  युवक  ज्ञानी- ...

प्रतियोगिता विशेष

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          आज    के ब्लॉग  में      प्रतियोगिता आधारित  विन्दुओं    को समाहित किया  गया है।  1- शून्य आधारित बजट Zero Based Budgeting  का निर्माण पीटर ए पायर  ने १९६९ में किया था, इसके अन्तर्गत बजट में पहले से शामिल किए जाने वाले प्रत्येक कार्यक्रम की आलोचनात्मक समीक्षा की जाती है और पुनः शून्य से प्रारंभ कर उपयोगिता के आधार पर धन का  आवंटन किया जाता है।इसको सूर्यास्त बजट प्रणाली भी कहा जाता है।2- स्टैग Stag उन व्यक्तियों को कहा जाता है जो नयी कम्पनियों के इश्यूओ में भारी संख्या में शेयर के‌  आवेदन पत्र प्रेषित करते हैं। इनको यह आशा रहती हैं कि जब  कुछ व्यक्तियों को शेयर नहीं मिलेगे तो  वे इन शेयरों को बड़े मूल्य पर खरीदने  के लिए तैयार हो जायेंगे, यह व्यक्ति केवल आवेदन पत्र की राशि प्रेषित करते हैं तथा शेयर आवंटित होते ही बेच देते हैं।3-  सम्पत्ति कर Wealth tax किसी व्यक्ति के द्वारा संचित सम्पत्ति के आधार पर लगने वाले कर को सम्पत्ति कर कहते हैं यह एक प्रत्यक्ष कर है ।...

मानव स्वभाव (Human nature)

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     सभी  प्राणी  अपने  लिए  निर्धारित  आहार का  ही  भक्षण  करते हैं ,सांथ  ही अपने  पचाने की सीमा  का भी ध्यान  रखते हैं  किन्तु  मनुष्य  ऐसा  प्राणी है  वह इसका कदापि ध्यान  नहीं  रखता है। खरगोश, गाय,हिरन, आदि  घास पत्तियों  को खाते हैं  जंगल  में  जबकि  उनके  लिए  कोई  कमी  नहीं है  फिर भी वे अपनी  सीमाओं  में  रहकर भोजन करते हैं चूहों  को ही देख लो  अनाज के भण्डार  में  घुसकर  अनाजों  को खाते हैं  लेकिन  कभी  ऐसा  सुनाई नहीं  दिया कि  अति  आहार  लेकर पेट  फूलकर कोई  चूहा  मरा  हो , जंगल  का राजा  किसी  बड़े  जानवर का शिकार करने  के बाद भी उसमें  से उतना ही  खाता है  जितना  उसकी  आवश्यकता होती है  और  पुन तभी  शिकार की ओर जाते हैं  जब उनको भूख लगती ह...

स्वच्छता (cleanliness)

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      आज मैं  एक महत्वपूर्ण  विषय  पर  अपना  एक ब्लॉग  लिख रहा हूँ  जो कि हर के जीवन  और परिवारो  व  स्थानो  से   घटित  होने   से   सम्बंधित है , और  जो  वास्तव  में  हो रहा है , उसको लिख  रहा हूँ  इसमें  कुछ वह वास्तविक  घटना  भी हैं  जो  मैंने   स्वयं  देखा है  या महसूस  किया  हैं। एक छोटी सी  बात  है  कि जब आप अपना  कहीं  पर घर बनाने  जाते   उससे  पहले  स्थान  खरीदने के लिए  जाते हैं  तो कई बार उस स्थान  को देखने  के लिए  अपने  आप व परिवार को   भी ले जाते है,  मै आप से  या  सभी  पाठकों से  पूछना चाहता हूँ कि  क्यों  जाते होगे  ?  बार बार   और  क्या  देखते  हैं  ? आपको उत्तर  मुझे  नहीं  देना है  अपने  मन क...

पंचायती राज (Panchayati Raj सामान्य-9)

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   अभी  जुलाई  में  उत्तराखंड  में  त्रिस्तरीय  चुनाव  होने  जा रहे हैं   इस  ब्लॉग  का उद्देश्य  है  सभी  इस को समझने के  बाद विचार  करें। पंचायती  राज  के अन्तर्गत  भारत   में  स्थानीय  शासन  का उद्देश्य  लोकतांत्रिक  शासन  वाले देशों  के समान  ही सरकारी निर्णयों में  जनता की  भागीदारी  को बढ़ाने  के लिए  सत्ता का  विकेन्द्रीकरण  सुनिश्चित  करना है। ग्रामीण  स्तर पर  व्याप्त  समस्याओं   का हल  केन्द्रीय स्तर  द्वारा  नहीं  किया जा सकता है, इन समस्याओं  को सत्ता के  विकेन्द्रीकरण के माध्यम से  ही दूर किया जा सकता है  जिसका  सबसे अच्छा  माध्यम  र्गाँवसभाये हो सकती हैं। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद  सत्ता  के विकेन्द्रीकरण  हेतु स्थानीय  स्वशासन  की स्थापना  के लिए  गम्भीर  ...

गौ वंश ( Govansh)

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   दिनांक  25  जून  2025  गो धाम थानों  देहरादून को देखने  का अवसर मिला, कई अन्य  परिवार  भी वहाँ  आये  हुए थे ।   यहां  पर   लगभग   100 गायें  और  उन में  कुछ  गायो के बछड़े  भी थे । इस  क्षेत्र में  इसको गो धाम के नाम से जानते हैं।   इसका  संचालन/प्रबंधन    परम आदरणीय  श्री  गोपाल  मणि जी के द्वारा  किया  जा रहा है, जिसे  कि बहुत  ही प्रशंसनीय  कार्य  कहा  जा सकता है , आज के भौतिक  वादी  युग में  जब मानव  केवल अपने  तक ही सीमित  है  और केवल स्व की बात सोचता है आदरणीय  श्री  गोपाल मणि जी  बहुत ही  पुनीत कार्य  कर रहे हैं,   ऐसे  में निश्चित  ही सरकार  को उनकी  सहायता करनी चाहिए और सक्षम लोगों  को भी  ऐसे कार्य  में  यथा  सम्भव  मदद्  करनी  उचित  ही रहे...