स्वच्छता (cleanliness)
आज मैं एक महत्वपूर्ण विषय पर अपना एक ब्लॉग लिख रहा हूँ जो कि हर के जीवन और परिवारो व स्थानो से घटित होने से सम्बंधित है , और जो वास्तव में हो रहा है , उसको लिख रहा हूँ इसमें कुछ वह वास्तविक घटना भी हैं जो मैंने स्वयं देखा है या महसूस किया हैं। एक छोटी सी बात है कि जब आप अपना कहीं पर घर बनाने जाते उससे पहले स्थान खरीदने के लिए जाते हैं तो कई बार उस स्थान को देखने के लिए अपने आप व परिवार को भी ले जाते है, मै आप से या सभी पाठकों से पूछना चाहता हूँ कि क्यों जाते होगे ? बार बार और क्या देखते हैं ? आपको उत्तर मुझे नहीं देना है अपने मन को उत्तर दो और देखो क्या उत्तर मिलता है। आप स्वयं आंकलन कर लें, मैं भी एक सोसायटी में रहता हूँ सोसायटी की साफ-सफाई आदि की व्यवस्था के लिए सोसायटी ने व्यक्तियों को हायर किया है और साफ सफाई सब ठीक है। लेकिन बड़ा आश्चर्य तब हुआ जब बहुत महंगी गाड़ी में बैठे लोग अपने घर का कूड़ा दूसरों की कालोनियों में फेकते हैं, यह मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूँ विधिवत् CCTV में रिकार्ड है , उन स्कूटरो के व उन गाड़ीयो के नम्बर, जो ये सब कर रहे हैं, तो ऐसे लोगों से क्या उम्मीद की जानी चाहिए कि वे समाज को या जिस व्यवसाय में है, कोई दिशा देेंगे । अपनी दूकान का पूरे दिन भर का कूड़ा गाड़ी में रखकर जहाँ तहाँ फेक आते हैं। जहाँ एक ओर देश के माननीय प्रधानमंत्री जी का स्वच्छता को लेकर पूरे देश में महत्वपूर्ण कार्यकम चलाया जा रहा है कि पूरे देश में स्वच्छता रहनी चाहिए । ,सभी को अपने अपने गाँव ,शहर , जिलो में रहने वाले लोगों को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए । नगर निगम के द्वारा भी कूड़ा गाड़ी घर घर जा रही है, वहीं कुछ चन्द लोग अपने घरों का कूड़ा दूसरे के घरों के सामने या दूसरी कालोनियों में चलते-2 गाड़ी से छोड़ रहे हैं जिसको कि किसी भी दशा में उचित नहीं कहा जा सकता है। एक वास्तविक घटना का उल्लेख कर रहा हूँ। दिनांक 24 जून 2024 की बात है, मै देहरादून की किसी आवासीय कालोनी का निवासी हूं। हमारे यहाँ नगर निगम की कूड़ा गाडी सुबह हमेशा आती है मै प्राय रात 10 बजे सो जाता हूँ और सोने से पहले एक बार अपने घर के आस पास का एक चक्कर इसलिए लगाता हू कि थोड़ा घूमना हो जाता है, उस दिन 24 जून 25 को भी ऐसा ही किया है, सड़क पर नजदीकी कोई कूड़ा नहीं था देखा और सो गया । सुबह जैसे उठा गेट खोला तो देखता हूँ कि एक कूड़े का थैला सड़क पर रखा है। CCTV देखा तो 11बजकर 46 मिनट पर एक महँगी गाड़ी आती है और अपनी speed धीमी करती है और आगे बायें दरवाजा खोलकर कूड़ा का थैला चुपके से कालोनी की सड़क में रख देते हैं, शायद उन महानुभाव को ये पता नहीं रहा होगा कि कोई हम को देख रहा है उनका गाड़ी का न0 ,समय ,दिनांक भी CCTV में कैद हो गया है। एक दूसरे मामले में भी फोन करके गाड़ी वाले को बताया गया कि यह काम आपका ठीक नहीं है कि अपने घर का कूड़ा दूसरों के घर या कालोनी में छोड़ दो , और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार भी की है, उस दिन से कुछ राहत तो है पर अब भी कुछ लोग अपने घरों का कूड़ा दूसरों की कालोनियों में या दूसरों के घरों के पास में डाल रहे हैं , यह ठीक नहीं है। एक बात का उल्लेख और करना चाहूंगा, कि जो पारिवारिक सदस्य ऐसा कर रहे हैं निश्चित ही उनके घरों में रहने वाले, पलने वाले बच्चों में भी यही आचरण transfer होगे, ये मेरा दृृढ़ मत है चूंकि यह सब वह देख रहे हैं कि मेरी माता या पिता ऐसे करते हैं, इसलिए हम सभी को राज्य व केन्द्र सरकार के द्वारा चलाये जाने वाले स्वच्छता अभियानों को सफल बनाने के लिए काम करना चाहिए और अपनी अपनी कालोनियों को भी साफ सुथरा रखना चाहिए और दूसरी कालोनियों की मदद् भी करनी चाहिए ।चरैवेति चरैवेति।
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