प्रतियोगिता विशेष
आज के ब्लॉग में प्रतियोगिता आधारित विन्दुओं को समाहित किया गया है। 1- शून्य आधारित बजट Zero Based Budgeting का निर्माण पीटर ए पायर ने १९६९ में किया था, इसके अन्तर्गत बजट में पहले से शामिल किए जाने वाले प्रत्येक कार्यक्रम की आलोचनात्मक समीक्षा की जाती है और पुनः शून्य से प्रारंभ कर उपयोगिता के आधार पर धन का आवंटन किया जाता है।इसको सूर्यास्त बजट प्रणाली भी कहा जाता है।2- स्टैग Stag उन व्यक्तियों को कहा जाता है जो नयी कम्पनियों के इश्यूओ में भारी संख्या में शेयर के आवेदन पत्र प्रेषित करते हैं। इनको यह आशा रहती हैं कि जब कुछ व्यक्तियों को शेयर नहीं मिलेगे तो वे इन शेयरों को बड़े मूल्य पर खरीदने के लिए तैयार हो जायेंगे, यह व्यक्ति केवल आवेदन पत्र की राशि प्रेषित करते हैं तथा शेयर आवंटित होते ही बेच देते हैं।3- सम्पत्ति कर Wealth tax किसी व्यक्ति के द्वारा संचित सम्पत्ति के आधार पर लगने वाले कर को सम्पत्ति कर कहते हैं यह एक प्रत्यक्ष कर है । 4-शिशु मृत्यु दर infant mortality rate एक वर्ष की आयु के पूर्व मृत्यु होना शिशु मृत्यु दर कहलाती है। शिशु मृत्यु दर का अर्थ प्रति हजार जीवित जन्मे शिशुओं की मृत्यु की संख्या से है 5- -सिकिग फन्ड sinking fund किसी कम्पनी को प्राप्त लाभ अथवा सरकार से प्राप्त लाभ से स्थापित कोष, जिससे ॠण का भुगतान या कम्पनी के उत्तरदायित्वों को पूरा किया जा सके। 6- RTGS प्रणाली RTGS System सामान्यतः रू 1 लाख से अधिक की धनराशि को खाता धारक द्वारा internet के माध्यम से रियल टाइम गौस सैटिलमेण्ट विधि से किसी भी खाता धारक के किसी भी बैंक के खाते में त्वरित रूप से भेजा जा सकता है। 7-मन्दी Recession अर्थ व्यवस्था की उस स्थिति को कहते हैं, जब बाजार में वस्तुओ के पूर्ति की तुलना में माँग कम हो जाय,माँग के कम होने से कम्पनिया अपना उत्पादन कम कर देती हैं और अपने यहाँ कर्मचारियों की छंटाई करती हैं,परिणाम स्वरूप बेरोजगारी में बृद्धि होती है जिससे लोगों की कयशक्ति मे और कमी होती है जो कुल माँग को घटा देता है। वर्ष 1930 की विश्वव्यापी मंदी के दौरान कीन्स ने इसकी व्याख्या की थी। 8-स्नाब प्रभाव Snob effect किसी वस्तु की कीमत में कमी से समाज के कुछ लोग अन्य लोगों से अपने को अलग रखने के लिए उस वस्तु की माँग में कमी कर दे इसे स्नाब इफेक्ट कहते हैं। 9-फ्लोटिग आफ करेसीFloating of currency किसी मुद्रा की विनिमय दर को स्वतंत्र छोड़ देना ताकि माँग और पूर्ति की दशाओं के आधार पर वह अपना नया मूल्य स्वयं तय कर सके। 10-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधानशाला अल्मोड़ा, कृषि सम्बन्धी अनुसंधानो के लिए इस संस्थान की स्थापना डा0 बोसी सेन ने 1924 में की थी। यह भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा की पर्वतीय इकाई है। चरैवेति चरैवेति।
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