संदेश

अक्टूबर, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ऐतिहासिक और समसामयिक विषयवस्तु (Historical and contemporary works सामान्य--13)

चित्र
       यह ब्लॉग विशेषकर प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए उपयोगी होगा। पुराने समय में  भारत में धर्म  प्रधान  साहित्य  की रचना  अधिक  हुई  थी,परन्तु  अन्य  विषयों  पर भी ग्रन्थ  रचनाओं  पर  अवश्य  ध्यान  दिया  गया  और  उनमे  तत्कालीन  राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक  एवं  आर्थिक  जीवन  समबन्धी सामग्री  उपलब्ध  है। इनमें कुछ  तो ऐतिहासिक  ही है  कुछ  प्रमुख  ग्रन्थ  इस प्रकार  से हैं , जो  प्रतियोगी  परीक्षाओं  के लिए  यह  छात्रो के लिए  उपयोगी  हो सकता है। पाणिनी  का अष्टाध्यायी  की रचना छठी शताब्दी  ई0पू0 मे हुई, इसमें  उदाहरण के रूप में  पशिचमोतर  भारत के राजनीतिक  संघों  का तथा भारत  के कई स्थानों  एवं  बहुत  सी जातियों  का उल्लेख हुआ है। कौटिल्य का अर्थशास्त्र  की रचना  चौथी  शताब्दी...

ऐसे तो नहीं मिटेगा भ्रष्टाचार (corruption will not end this way)

चित्र
  इस  समय  समाज   मे    जो  सबसे  बड़ी  समस्या  है,  वह है भ्रष्टाचार(corruption) और ऐसा  नहीं  है एक जगह  पर  है ,  हो सकता है  कुछ अपवाद  हो  कि  वहाँ  पर  न हो ,  लगभग हर जगह, पर विद्यमान दिखायी  देता  है , दूसरा अपना  काम  समय से न करना, या  लापरवाही से करना  वह भी एक प्रकार का भ्रष्टाचार  की श्रेणी  में  माना  जा सकता  है। आये दिन मीडिया   व समाचार  पत्रों  मे आप/  हम  सभी  को  सुनने  व देखने  को मिल जाता है  कि  अमुक व्यक्ति    रिश्वत  लेते  पकडा गया है, या अमुक   व्यक्ति  के    घर पर    लाखो- करोड़ रूपये    छापे  में  पकड़े  गये,  जो  कि प्रगतिशील  राष्ट्र  के लिए   कतई  ठीक  नहीं  कहा जा सकता  है  । भारत  तेजी ...

हम कहाँ जा रहे हैं और क्या सीखा रहे हैं ?(where are we going and what are we teaching?)

चित्र
        सभी  ने  अपने अपने  घरों  में दीपावली   के समय  के समय  विभिन्न प्रकार की  सजावट की,सभी  ने अपने अपने  परिवार में  व अपने  परिजनों, मित्रों  आदि  को  बधाई  व शुभकामनाए  भेजी, विशेष  पकवान मिठाईयाँ  बनायी  गयी   होंगी   , पूरा social मीडिया  बधाई एवं शुभकामनाओं  से भरा था  ये आप सभी  पाठकों  ने देखा  भी है  और स्वयं   भेजा भी है ,अच्छी  बात है, ठीक भी है  साल  में  एक बार  ही  दीपावली  आती है  सभी  ने  इसकी तैयारी की होती है  ,लेकिन  कष्ट   इस बात का  है  कि  दीपावली व  लक्ष्मी    पूजन   दीपमाला   आदि  की  सामग्री (फोटो, फूल आदि)  जो कि  पूजा तक तो  महत्व  रखता है,   लेकिन  अब वह बेकार  हो गया है   और उसको अपने ...

प्रारम्भिक गणित ( Elemetary Maths सामान्य-12)

चित्र
      वैसे  तो सभी  विषयों  का सभी  के जीवन  में  महत्वपूर्ण  स्थान  होता है, दिन प्रतिदिन  की घर  की  अर्थव्यवस्था  चलाने के लिए,  सामान्य  हिसाब-किताब  रखने  के लिए  प्रारम्भिक  गणित  की जानकारी  सभी  को होनी  ही आवश्यक है, और सभी  को होनी भी चाहिए। गणित की समझ  होने  के लिए  कुछ  लोग  इसको कठिन  कहते हैं  लेकिन  मेरा  अनुभव  यह कि कोई  विषय  न कठिन  होता है  और न सरल , केवल  हमे अपने  मन  में  जो  धारणा बनाते हैं  वही  सबसे  महत्वपूर्ण है। जब हम किसी  भी विषय या उप विषयों  को अपनी  आवश्यकता  बना  लेंगे  तब उस रूप में  हमारा  मन  काम करेगा । गणित  के  एक प्रारम्भिक  उप विषय  (Atricle) को देखते हैं , साथ  में यह विषय  छात्रों  के लिए  भी उपयोगी होगा  और जो प्रति...

ट्यूशन/कोचिंग (Tuition/coaching)

चित्र
    वर्तमान  समय में  मै देखा जा  रहा  है कि  tuition  और coaching  का एक दौर  चल रहा है, कि लगभग  हर माता-पिता  तब तक संतुष्ट  नहीं  हो रहा है,  जब तक  कि वह अपने  बच्चे  को  tuition  न भेज दे या,  यदि  वह secondary  में  पढ रहा  है तो coaching  न भेज  दे,  कई बार तो  देखा  जा रहा  है,  या आप भी अपने  आस-पास  अनुभव  कर रहे होंगे,   कि बच्चा  अभी  प्रारम्भिक  कक्षाओं में   ही  पढ  रहा है  और उसके  माता-पिता या अभिभावक  उसको tuition  या coaching    संस्था  में  छोडने  और लेने  जाते  दिखायी  देते हैं, मै यह नहीं  कह रहा हूँ   tuition  या coaching  न दो, लेकिन  यह देखने  का काम तो है ही कि बच्चों  को क्या  वास्तव में  tuition  की आवश्यकता है  और कई बार तो ...

आत्म गौरव (Self Pride)

चित्र
      यदि  कोई भी  मनुष्य  ज्ञान के साथ  अपने  जीवन  की व्यावसायिकता का तालमेल  बैठा  ले,तो हम असली  मनुष्य  में  परिणित  हो सकते हैं। आपके  जीवन का लक्ष्य  कितना  भी ऊचा  क्यों  न हो,आपको  अपने  परिवार  के किसी  भी सदस्य  के विचारों  की उपेक्षा  नहीं करनी चाहिए, और  यदि  आप सार्वजानिक  जीवन में  हैं  तो अपने  सहयोगीयो  की भी उपेक्षा  नहीं  करनी  चाहिए। परिवार  हो या संस्था  या जहाँ  आप काम कर रहे हैं , बहुत ही दोस्ताना  और सकारात्मक  ढ़ंग  से  किसी भी  कार्य  को बेहतरीन  बनाने की कोशिश करनी चाहिए । ये याद रहना  चाहिए कि हम  न  कोई  गुरु  है और न तुम  गुरु  हो, हम सभी एक विद्यार्थी  हैं  और हर को इस रूप  में     कुछ न  कुछ  सीखते  रहना  उचित  ही होगा, और  सीखने...

प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों को Drop करना(Q. Dropped in Ex.)

चित्र
       भारत  जैसे  विकासशील  और  बहुत  बड़ी  आबादी   वाले  देश  में   जहाँ  किसी  भी प्रतियोगिता  परीक्षा  में  हजारो- लाखों  परीक्षार्थी    हिस्सा  लेते हैं। यह   महत्वपूर्ण  है जब चयन परीक्षा  मे विकल्प  वाले उत्तर   पेपर में  दिये गए  हो तो   एक एक अंक  महत्वपूर्ण  हो जाता है  ।  आजकल अधिसंख्यक  चयन परीक्षा  में  पहले  प्रारम्भिक  परीक्षा  हो रही है  फिर  मुख्य  परीक्षा,  किसी  - किसी  में  तो एक ही  परीक्षा  हो रही है  और चयन कर दिया  जा रहा है । चयन के लिए  कोई   भी आयोग  या प्रतियोगी  परीक्षा आयोजित  करने  वाली  संस्था  प्रारम्भिक  परीक्षा  करवा  रही है , और फिर  परीक्षा के बाद  परिणाम  के समय  कुछ  प्रश्नों को drop...

पढें कैसे ((How to read)

चित्र
  आज  का  ब्लॉग  विशेषकर  विद्यार्थियों    व  उनके  अभिभावकों  के लिए  विशेष  उपयोगी  हो सकता है । पढना  एक कला है, यह कला  बताती हैं कि  हम  क्यों  पढ रहे हैं, कैसे  पढ़ रहे  हैं, कब पढ़ रहे, क्या  पढ रहे हैं हम  कैसे  पढ़े  कि  हमको  विषय की  समझ  पैदा  हो सके और इसे हम ठीक - ठाक ढ़ंग से  अभिव्यक्त  एवं  प्रतिपादित  कर सकें। विद्यार्थी पढता है,  तो उसे  विषयों की  समझ  होनी चाहिए  और शिक्षक  पढ़ता  है, तो उसे बेहतर ढंग से अभिव्यक्त  करना  आना चाहिए,  लेकिन  पढना  दोनों को ही पढता है।  एक को अपनी आगामी  परीक्षा में  पास होने के लिए  पढना  है, और  दूसरे (शिक्षक) को अपने  विद्यार्थी  को अच्छी  तरह से समझाने  के लिए  पढना पढता   है। इसमें  एक खास बात यह है कि  पढ़ने  में  भी  पढा...

प्राथमिक शिक्षा (Primary Education)

चित्र
           किसी  के  भी जीवन में  प्राथमिक  शिक्षा  का कितना  महत्व  होता है  यह हम  सब भलीभांति  समझते है,   कि  जिस  प्रकार  किसी  भवन की मजबूती  उसके  नीव पर निर्भर करती है, उसी प्रकार  शिक्षा  में  भी  प्राथमिक  शिक्षा  का महत्वपूर्ण  स्थान है।  बात तब की है जब मैं  5 साल का था, वैसे  तो हर के जीवन में  कुछ  घटनाएं  विशेष  होती है  और याद भी रहती  है ऐसे  ही , मै अपनी  प्राथमिक  शिक्षा   जो कि  एक  सरकारी  स्कूल  से  पूर्ण  की गयी  है , का उल्लेख  सिर्फ  इसलिए  कर रहा हूँ  कि  ताकि आने वाली पीढ़ी को  यह समझ  आ सके कि  आप कहीं  पर भी रह कर अच्छी  शिक्षा  ले सकते हैं,  और  लोग यह इस बात को भी  महत्वपूर्ण  समझे  कि  सरकारी  स्कूल में  भी...