दृष्टिकोण (Perspective)
किसी एक व्यक्ति का किसी दूसरे व्यक्ति के प्रति दृष्टिकोण कैसे बनता , क्या इसका आपको अनुभव है , अवश्य अनुभव करते होंगे। सामान्यतया जो आपके विचारों से सहमत होता है वह आपका सहयोगी व प्रशंसक हो सकता है, और जो आपके विचारों से सहमत न होता हो व आपका सहयोगी नहीं हो सकता है , और न ही प्रशंसक होगा। आपका आलोचक अवश्य हो सकता है। अब इसी से प्रसन्न एव अप्रसन्नता की स्थिति पैदा होती है। प्रसन्नता एक मनोभाव है,एक सकारात्मक मनोदशा है। हमारी जैसी मनः स्थिति होती है वैसे ही हमारे शरीर मे भौतिक व रासायनिक परिवर्तन होते रहते हैं। हमारी मनोदशा जीवन की परिस्थितियों के प्रति जन्म लेने वाली प्रतिक्रिया...