मोबाइल की आदत
आज यह एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है , सम्भवतया इससे हर परिवार व माता पिता प्रभावित हैं, वह है बच्चों में मोबाइल की लत ( लगातार मोबाइल से चिपके रहना और विशेष कर उस में गेम खेलना)अभी हाल में ही यह समाचार देखने और सुनने को मिल रहा है कि गाजियाबाद में तीन बहिनो ने छत से कूदकर आत्म हत्या कर दी, कारण मोबाइल में, गेम की आदतों/आदी हो गयी थी , कितना भयावह दृश्य है ये, यह बहुत ही खतरनाक/ दुर्भाग्यपूर्ण है । आप/ हम लोग भी बच्चों के सामने अधिकतर मोबाइल देखते रहते हैं , और धीरे-धीरे बच्चे भी हमको देखकर इसके आदी हो रहे हैं, (ऐसा मै अनुमान लगा सकता हूँ) जो कि किसी दशा में उचित नहीं हो सकता है , मोबाइल देखना कोई बुरी बात नहीं है, देखो लेकिन कितने समय, कब और क्या देख रहे , यह महत्वपूर्ण है। आंरभ में छोटे बच्चों को चुप कराने या engage कराने के लिए, या वह आपको परेशान न करें इसीलिए उसको मोबाइल आदि बच्चों को दे दिये जा रहे हैं, लेकिन वह धीरे-धीरे इसका आदी हो जा रहा है। मेरा मत है कि जब किसी काम को बार बार किया जाता है और लगातार दोहराया जाता है तो धीरे-धीरे वह उसका आदी हो जाता है , जैसे नशा करने का होता है, एक दो बार नशा करने से कुछ नहीं होता है लेकिन धीरे धीरे और बार-बार नशा करने से , वह व्यक्ति को अपने आगोश में ले ही लेता है ऐसे ही मोबाइल की लत को भी एक प्रकार नशा कहा जाय तो ग़लत नहीं होगा। आरम्भ में अत्यधिक मोह के कारण कि बच्चा रोये नहीं, या रोता है तो चुप कराने के लिए मोबाइल थमा दिया जाता है लेकिन बाद में उसका भयावह परिणाम (उपरोक्त) सबके सामने है। पूर्व में मेरा एक ब्लॉग कि माता पिता के अत्यधिक मोह, बच्चों की सफलता में बाधक भी हो सकता है को भी पढ सकते हैं। मोबाइल से बच्चों को और भी कई तरह से नुकसान हो सकते हैं, जैसे मोबाइल का अधिक उपयोग करने से बच्चों की आंखों पर दबाव पड़ता है, जिससे उनकी दृष्टि कमजोर हो सकती है। अत्यधिक उपयोग करने से बच्चों की गर्दन और पीठ में दर्द हो सकता है। अधिक उपयोग करने से बच्चों में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, मोबाइल पर अधिक समय बिताने से बच्चों की नींद की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है। मोबाइल का अधिक उपयोग करने से बच्चों के सामाजिक कौशल कमजोर हो सकते हैं। वे अपने दोस्तों और परिवार के साथ कम समय बिताने लगते हैं और अधिक समय मोबाइल पर बिताने लगते हैं।इसका अधिक उपयोग करने से बच्चों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वे अपने होमवर्क और स्टडी पर कम ध्यान देते हैं और अधिक समय मोबाइल पर बिताने लगते हैं। मोबाइल का उपयोग करने से बच्चों को साइबर अपराध का खतरा हो सकता है, जैसे कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग और अश्लील सामग्री का एक्सपोजर। और यह सबसे खतरनाक स्थिति है। मोबाइल का अधिक उपयोग करने से बच्चों का व्यक्तिगत विकास कमजोर हो सकता है। वे अपने शौक और रुचियों को विकसित करने के लिए कम समय देते हैं और अधिक समय मोबाइल पर बिताने लगते हैं। और भी कई तरह से नुकसान हो सकते हैं, यह सभी पाठकों का भी अपना अपना अनुभव होगा । साथ में यदि इसका सदुपयोग किया जाय तो कई प्रकार के फायदे भी हैं इसको कोई भी नकार नहीं सकता है । आप , हम सभी को सोचना होगा कि हम कैसे इसका उपयोग फायदे के लिए करें या अपने बच्चों से फायदा करवाये । सभी माता पिता का व अभिभावक को इस पर ध्यान देना ही होगा, जिससे कि नयी पीढ़ी अच्छे विचारों, संस्कारों से युक्त होकर आगे बढ़े । चरैवेति चरैवेति।

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