यातायात में सावधानी रखना और चलना दोनों महत्वपूर्ण है ( Be Careful in traffic)

     


 वर्तमान  में  हमारे  दैनिक  जीवन  की यात्रा में   यात्रा  में  जाम मिलना   एक    प्रमुख  समस्या  जन्म  ले चुकी  है या ले रही है।  यदि आपने  बड़े  बड़े  नगरों  में  यात्रा  की होगी, या किसी  महानगर  में  आपका  आवास  है   तो आप समझ  चुके होंगे कि  मैं  किस सन्दर्भ  में  यह बात  कह रहा हूँ ? यह समस्या है    अनियमित  वाहन ंचालन  की है  , एक तो वाहनों  की संख्या  बहुत  अधिक  होना  उस पर भी  अपना  यह दृष्टि  कोण कि  मुझे   कतार में  लगे  हुए  सभी  वाहनों  से आगे  निकलना  है ऐसा करते  करते  उसके  पीछे  कई और वाहन  भी कतार  में  लग जाते हैं,   जबकि   सड़क  दो लेन के लिए  है  एक जाने  वालों  के लिए  और एक  आने  वालों के लिए  और तब जिस दूरी  को 10  से 15   मिनट में  तय कर सकते थे, वही  दूरी  2 से 3 घण्टे  में भी  तय नहीं  कर  पा रहे हैं या अनिश्चितताओं  से   घिरे  रहते हैं या  अनिश्चितता  की स्थिति में   होते  हैं।  बड़ी  बात यह कि आप सभी  जो लोग  वाहन  चला  रहे हैं  यह पता  नहीं  है  कि कब जाम खुल जाय , हम  सभी  जो  भी वाहन  चला  रहे  होते हैं , हमको सड़क  के सभी नियमों  का ज्ञान  होता है  , साथ  में  यह भी ज्ञान  है कि over take  कब करना  चाहिए  और कब नहीं  , फिर भी एक दूसरी  कतार  तैयार  कर  देने  से भयंकर जाम लगा  देते हैं , तब अगल  बगल  वाहन चालक  व अन्य  भी आपको हेयदृषटि  से  इसलिए  देखते  हैं,  कि मैं  तो गाड़ी के  पीछे  कतार  में  लगा  हूँ  और ये आगे  जाने के चक्कर  में  जाम लगा  दे रहा है। कल ही मै किसी  काम  के लिए  शेलाकुई ( देहरादून) गया था  30 मिनट  का समय  लगता है ,  लेकिन  मुझे  लग गये 2 घण्टे (जाम के कारण, )  मेरा  अनुभव  यह है कि  यदि  अपने ही  लेन  में  चलो  तो कुछ समय  अधिक  इसलिए  लगेगा कि वाहन अधिक  हैं  पर जाम तो नहीं  लगेगा  रफ्तार  धीमी  हो सकतीं हैं  पर  लोगों के दूसरी  लेन में गाड़ी  घुसाने  से तो जाम होगा  ही  होगा , आप /हम  किस श्रेणी में  हैं यह  आकलन  आप स्वयं  कर ले, यदि  आप  से हो सकता है  तो इसमें  सुधार  होना चाहिए। दूसरी  बात  कभी-कभी  एक ही लेन की सड़क  आपको  मिलती है , विशेष कर  उत्तराखंड के  पर्वतीय  क्षेत्रों में, वहां  पर मेरा  अनुभव यह है कि  वाहनों की संख्या अपेक्षा कृत  कम है,  लेकिन  कभी-कभी  दो वाहन आमने सामने  हो जाते हैं और   कोई  भी चालक थोड़ा  अपनी  गाड़ी  को पीछे  नहीं  करता   कभी-कभी  झगड़ते रहते हैं  या लडाई  पर उतर जाते हैं ।  यह  यात्रा  करते  समय  आप सभी  पाठकों  का भी अनुभव  होगा  और न ही है , तो अब अनुभव  कर लेना, जब वाहन  से यात्रा  करोगे,   न जाने  पीछे  करने  पर उनको इतनी  परेशानी क्यों   होती है   मै भी नहीं  समझ  पाया । ( खैर  इस पर  जिसके  नजदीक  अधिक  स्थान  है  जिससे आसानी से वाहन  एक दूसरे  को पास कर सके,  उसको अपना  वाहन  पीछे कर पास दे देना चाहिए, )  जब आप किसी  दूसरी  लेन  में  घुसते हैं  तो आपके , पीछे  कई वाहन  और  आ जाते हैं,  और  जाम  लग जाता है।  कुछ  महत्वपूर्ण  नियमों  से भी आप  सभी  अवगत  होना चाहें  , जैसे कि आरसी बुक हमेशा साथ रखें, ट्रैफिक सिग्नल्स का पालन करें ,सीट बेल्ट पहनें,  मोबाइल फोन का उपयोग न करें  , स्पीड लिमिट का पालन करें ,नशे में वाहन न चलाएं, यात्रा  करते  समय  शान्त  होकर  ही वाहन चलायेंगे, और जब भी  पास देने  की नौवत  आये  तो जैसे  ही पर्याप्त  स्थान  मिले   पास दे देना  चाहिए ,  साथ  में  यह भी  अनुरोध  करूँगा कि बीच  या आगे जाने के  चक्कर में जाम न न लगायें  । कुछ  लोगों  की आदत  होती  है,  कि  वे  यह जानते हुये,   कि traffic  जाम    लगा  हुआ  फिर भी बार बार   अपने  वाहन का हार्न  बजाते  रहेंगे  जिसको  कि किसी  भी  दशा  में  उचित  नहीं  कहा  जा सकता है ,  ऐसे लोगो  से भी हम सभी  की अपील  रहेगी  कि अनावश्यक  हार्न न बजायेंगे।    सरकार  से भी अनुरोध कि जाम वाले विशेष  स्थानों  पर  traffic  police  की अनिवार्य  रूप  से व्यवस्था  होनी चाहिए । चरैवेति चरैवेति। 



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