सफलता (success) कैसे मिल सकती है

   


आजकल  बहुत  से ऐसे  लोग मिल  जाते   हैं , कि  जो यह कहते  हुए  सुने जा सकते हैं  कि मेरे  पास ये नहीं  है, या मेरे  पास वो नहीं ,अर्थात  साधन -सुविधा,  सहयोगीयो के अभाव  का रोना रोते  रहते हैं  और इसी  में  समय निकाल लेते हैं,  ऐसे  में  तो असफलता  मिलनी  ही है ।जीवन   के विभिन्न  क्षेत्रों  मे मिलने वाली  सफलता-असफलता  का कोई आधार  नहीं  होता है,  मनुष्य  के निजी  प्रयास  ही उसके  सफलता  के आधार  व स्वरूप  का निर्माण  करते हैं , अपने  काम में  पूरी मेहनत किये बिना  सफलता  नहीं  मिल सकती है। कई लोग  अपनी सफलताओं/असफलताओं को  भाग्य, प्रारब्ध  या देवी देवताओं का बरदान  मानकर राह देखते हैं कि कब   सफलता  मिलेगी । सफलता एक ऐसा शब्द है जो हर किसी के लिए आकर्षक होता है। लेकिन सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम, समर्पण और सही दिशा की आवश्यकता होती है । सफलता  प्राप्त करने के लिए आपको अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना होता है । आपको यह जानना होगा कि आप क्या हासिल करना चाहते हैं , और आपके लक्ष्य क्या हैं  ?  इसको  प्राप्त करने के लिए आपको   समय और ऊर्जा का निवेश करना होगा साथ  ही अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित होना होगा। आशा  की तरह जीवन का  दूसरा  लक्ष्य  है  आस्था, जिसे  अपने  आप पर, अपने  साहस एवं  पौरुष  पर विश्वास  है,  उसी आस्थावान के संकल्प  प्रायः पूरे होते  हैं।  आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ और निरंतर प्रयास करना होगा। इसको प्राप्त करने के लिए आपको सीखने की इच्छा होनी चाहिए। आपको अपने क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान और तकनीकों को सीखना होगा।  सकारात्मक सोच  बहुत ही  आवश्यक है । आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आशावादी और आत्मविश्वासी होने के साथ साथ , आपको निरंतर प्रयास करना होगा।  सफलता प्राप्त करने के लिए आपको सीखने से कभी नहीं थकना होगा। अपने क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान और तकनीकों को सीखना होगा। इस प्रकार  अपने  में  आवश्यक गुणों को अपनाकर आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं ।  किसी  भी क्षेत्र  में  केवल  सफलताओं की आशा  रखने  वाले,  अपने  लाभ  को ही परिणाम  में  देखने  वाले,  व्यक्तियों  को इस सम्बन्ध  में  पछताना  पड़े  तो कोई  आश्चर्य  की बात नहीं है। जीवन  में किसी  उद्देश्य की सफलता  का मार्ग  सफलता और असफलता  की मंजिलों  से बना  हुआ है  ,कई  बार तो  असफलतााएं  ही सफलता  का  मार्ग  तय करती हैं  बार बार गिरकर फिर उठने   का प्रयास  करने  वाले  बालक  एक दिन  अपने  पैरों  से सरपट दौड लगाते हैं।  आपने  अनुभव किया होगा या आस पास से सुना होगा  कि कई  लोग  3,4 प्रयासों  में  असफलता  के बाद भी, देश  की प्रतिष्ठित सिविल  सेवा ,राज्य की सेवाओं  या अन्य  सेवाओं  में    सफल हो  जाते हैं  ।  वह सभी  के लिए  प्रेरणा का स्रोत भी  होते हैं,  और  उन पर ये सभी  उपरोक्त  बातें  लागू भी होती हैं, जो कि अपने जीवन  में  अपनाते हुए  सफल  रहते  हैं।  पूर्व में  भी  सफलता की  शक्ति  पर एक ब्लॉग  लिखा जा चुका है।  चरैवेति   चरैवेति ।


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