सांस्कृतिक एवं कृषि महोत्सव थाती बडमा (cultural and Agricultural festival thati badama)

       


          आज मैं  एक सांस्कृतिक  एव विकास महोत्सव  पर बात करने  वाला हूँ। सास्कृतिक  महोत्सव हमारी  संस्कृति का प्रतीक है जो हमारी  रीति रिवाज  व संस्कृति  के बारे  में पीढ़ी दर पीढ़ी  को बताता है।   उत्तराखंड  प्रदेश  के जनपद रूदप्रयाग  के  थाती दिगधार  में   दिनांक 26 मार्च 25  से 28 मार्च 25  तक आयोजित  होने  वाले  पट्टी बडमा के कृषि विकास एव सास्कृतिक महोत्सव  में  पहले  दिन  सम्मिलित  होने  का सुअवसर  मिला,  सम्मिलित  होते  भी क्यों  नहीं ,  यह मेरी  जन्म भूमि  है ,यहीं  मेरा  बचपन का  समय   निकला, बचपन की यादें  ताजा  हो गयी,  जब घर से  4 किलोमीटर प्रतिदिन  का आना-जाना  था, एक तरफ खड़ी  चढ़ायी  थी और आने  के लिए  उतराई थी, आज के समय को देखने        से लगता  है कि  कठिन  है ,  पर उस समय  आसान    लगता था । मेरे   साथ  सभी  सहपाठी  लोगों  को भी ऐसा  ही महसूस होता  होगा  ये कल्पना  कर रहा हूँ।  शायद  सफलता  में  भी यही  कारण  रहा  होगा कि कठिन  परिश्रम  पहले  स्कूल  में  जाने  के लिए ही  था और फिर स्कूल  में  सभी  विषयों  के शिक्षको का भी डर होता था  । बिना  अनुमति  के तो  स्कूल  से गैर हाजिर  रहना  ही नहीं  था ।  प्रारम्भिक  शिक्षा  भी इसी  इलाके  में  हुई। महोत्सव  का शानदार  उदघाटन हुआ  व  आज के दिन ब्लाक  प्रमुख  जखोली , पूर्व  ज्येष्ठ  प्रमुख  जखोली,          मेला समिति  के संरक्षक  अध्यक्ष  सहित  सभी  पदाधिकारी,
संरक्षक,  जिला पचायत सदस्य   सारी  जो कि   इसी  क्षेत्र  से  जुड़ी हुई हैं,  और  उनका मायका  बडमा  पटी  में  ही है, इलाके  सभी  जनप्रतिनिधियों   और क्षेत्र  के व  बाहर से आये  हुए  हमारे अतिथि  व कई गणमान्य  महानुभावों   से मिलने  का अवसर मिला सभी  से  मुझे  भी बड़ा  स्नेह  मिला   मैं  इसके  लिए  मेला समिति  का तह दिल से शुक्रिया  करता हूँ। मेरा  मानना  है कि  ऐसे  मेलो से  सभी     लोगों  में  संस्कृति  के प्रति      जागरूकता   पैदा  होती है, स्थानीय  कलाकारों , बच्चों  व मातृशक्ति  को एक मंच     मिलता है  जिससे  वे अपनी  प्रतिभा  का प्रदर्शन  कर सकते हैं , साथ ही स्थानीय उत्पादो को एक बाजार  उपलब्ध  होता  है जहाँ  कृषकों  को  अपने  सामान  बेचने  का    अवसर  मिलता है।   आज के दिन  पर         स्थानीय स्कूलों  , प्राथमिक  विद्यालय डंगवालगाव, प्राथमिक  विद्यालय  सेम,जनता  स्कूल  गोरणा   धार, जनता  स्कूल  थाती दिगधार, प्राथमिक  विद्यालय थाती       बडमा, चिल्ड्रेन  अकेडमी  तिमली, रा इ का तिमली     के बच्चों  ने शानदार  प्रस्तुति  दी है  मै इन स्कूलों  के शिक्षको व प्रधानाचार्यो  को भी  इस बात के लिए  बधाई  देता   हूँ  और सराहना  करता  हूँ कि बहुत ही शानदार    तैयारी  करवायी गयी है।   महिला मंगल दल सेम बडमा  द्वारा  पलायन  की पीड़ा  पर,  जिसमें        अनुरोध  किया है  कि ठीक है  आप नौकरी  के लिए  बाहर      जाओ पर घर को समय - समय  पर        समय दो  बहुत  ही अच्छा  चित्रण किया है,   इसके  लिए  महिला        मंगल दल सेम  की सराहना  करता हूँ ।   बड़मा  पट्टी  महोत्सव  3 दिन  का है,   27 एव 28 मार्च  में  ऐसी  प्रस्तुतियों  से     महोत्सव  की खूबसूरती    और बढेगी। जैसा      कि    मुझे  ज्ञात हुआ है कि  27 मार्च  को उत्तराखंड  सरकार  के कैबिनेट  मंत्री  माननीय  श्री  सौरभ  बहुगुणा  जी आने  वाले  हैं,  यह  एक    प्रसन्नता  का विषय    है   वे  भी इस क्षेत्र  से परिचित  होगे  और उनसे     क्षेत्र  की कई अपेक्षाए   भी है और अनुरोध  भी है,  जिसे  वे अवश्य  ही  पूरा  करवाने का प्रयास  करेंगे , साथ  ही  क्षेत्र  के  माननीय  विधायक  भी आने  वाले  हैं  वे भी क्षेत्र  के विकास  में  महत्वपूर्ण  योगदान  देंगे  ऐसा  समस्त  लोगों का  अनुरोध  रहेगा।    मेरा  मानना  है कि ये महोत्सव  विकास की सीढ़ी  बन सकती हैं  ,यदि  सरकार ऐसे  महोत्सव  को संरक्षण  के साथ-साथ  आर्थिक  सहायता  भी दे  तो अति उत्तम  रहेगा ।  हर क्षेत्र  में  स्थानीय  लोगों  की सहमति से  केन्द्रीय स्थान  तय हो । अभी  जो यह महोत्सव  हो रहा  इसमें  केवल  जनता का ही      सहयोग  है।  सभी स्थानीय   जनप्रतिनिधियों      व सरकार  में    महत्वपूर्ण  भूमिका  निभाने  वाले  लोगों  से मेरा  यही  अनुरोध       होगा कि  अवश्य  ही  ऐसे  महोत्सवो को संरक्षण  व आर्थिक  सहयोग ( एकमुश्त  धनराशि  जो कि सरकार  उचित  समझें  ) दे।  पट्टी  बडमा  का  निवासी  होने  के कारण यहाँ  के  लिए  तो मेरा  अनुरोध  है ही  ,  साथ  ही प्रदेश के   सभी क्षेत्रीय  महोत्सवो  के लिए  आर्थिक  सहायता के  साथ  साथ   प्रशासनिक  देख  रेख  भी हो तो इसके  परिणाम  हर दिशा  से अच्छे  रहेगे  ।  चरैवेति चरैवेति। 

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