नवाचार ( innovation )

          

आज के  ब्लॉग  मैं  अपना  एक अनुभव  साझा  कर रहा हूँ  जो  अध्ययन / अध्यापन  में  काफी  लाभदायक  होगा ,  ऐसा  मेरा  मानना  है,  जब हमारी  एकाग्रता  बढ़ती है  तो उस अवधि  में  हम जो कार्य  करते या करवाते   है , वह हमारे      मस्तिष्क  पर अपनी  छाप  छोड़ता है , या लम्बे  समय    तक  याद  रहता   है  ।  बात    तब की है  जब    मैं किसी  एक  स्कूल में(रा0 इ0का0 तिलकनगर   )प्रधानाचार्य  था,    अक्सर  इण्टर स्तर पर विज्ञान  के छात्रों  में    परीक्षाफल  का डर /  भय अधिक   रहता है,  और  इसी   डर को कम करने के लिए  अक्सर  मै भी   कक्षाओ  में  विशेषकर   कक्षा  12  व कक्षा  10  की कक्षाओं  में  पढ़ाने  के लिए  ज़ाया  करता  था , और कभी-कभी  परीक्षा  पर चर्चा भी करता  था  ।  कक्षा 12 ब  की कक्षा   उस समय  में   52 छात्र  थे  । किसी   एक दिन  कक्षा 12 ब  में  गया  और सभी  छात्रों  से कहा  कि  आपके  साथ  मैं  एक प्रयोग / नवाचार  करना  चाहता हूँ  लेकिन  मेरी  2 शर्त हैं , पहली  आप जो भी  काम करोगे  ( जो  काम  मैं  दूंगा) अपने  किसी  साथी ( कक्षा  12 ब  के  दूसरे साथी को)को  नहीं  बताओगे,  दूसरी  जो निर्देश  मैं  दूंगा , उसका ईमानदारी  से पालन  करोगे ,  तभी  मै आपके  साथ   यह नवाचार  कर सकता हूँ  । सभी  52 छात्रों  ने इन दो शर्तों  के लिए  अपनी  अपनी  सहमति दे दी  । अब हमारा  काम आरम्भ  होता है।  अगले  दिन  फ़िर से मै  उसी कक्षा  में  गया और  निर्देश  दिया  कि प्रत्येक  छात्र  4  सवाल  भौतिक  विज्ञान के  उत्तर  सहित ( बहु-विकल्प  वाले) बन्द  लिफाफे  में  मुझे  देगे , इसके लिए  उन को  5  दिन  का समय  दिया गया कि इन 5 दिनों  में  आप ये  सवाल  उत्तर  सहित   देंगे,  साथ  में  यह भी निर्देश  दिया  कि प्रश्नो का स्तर अच्छा हो , और  यह भी कहा  गया  कि इन्ही  प्रश्नों में  से  100  प्रश्नों  का   एक पेपर  होगा   इसके  लिए  आपको  3 माह  का समय दिया  जाता है  और प्रश्न  इन्हीं  मै से आयेंगे  जो आपने  दियें हैं लेकिन  कोई   छात्र  एक   दूसरे  छात्र   को  नहीं  बतायेंगे,   ये पहले  शर्तों  में  उल्लेख  कर दिया गया था । अब एक दिन  कक्षा  में  परीक्षा   की तिथि  तय करने  के लिए  गया  ,लेकिन  छात्रों  के  द्वारा  कुछ  समय  माँगा गया   और मेरा  कार्य  भी   यही   था कि छात्र अच्छे  से भौतिक  विज्ञान  पढ़े । अब परीषदीय परीक्षा  निकट आने  वाली  थीं।  अब मैंने  तय कर दिया  कि  इन  52 छात्रों  की  भौतिक विज्ञान  की  परीक्षा कर दी जाय , एक तिथि  तय कर दी गयी।  मै यह भी जानता  था कि मेरे  मना करने के बाद  भी सभी  छात्र  उन 4 प्रश्नों  को  आपस में  अवश्य  साझा करेंगे  और 52×4=208 प्रश्नो को सभी  याद कर लेगें  और अच्छी  तरह से  समझ लेंगे,   क्योंकि    जब  सबका  लाभ  होता है ,  तो   वे आपस में  साझेदार  हो जाते हैं  और ऐसा  हुआ  भी , इसलिए  मैंने  कहा  पेपर  इसी मै से बनेगा  पर उन लिफाफों  को मैंने  खोला तक नहीं। किन्तु  नजदीकी  पुस्तकालय अगस्त्यमुनि   मे  गया वहां  से इंजीनियरिंग  की  प्रवेश  परीक्षा  का  भौतिक विज्ञान   का पेपर  फोटो  कापी किया ,  और  उसके  52 सेट तैयार  किए  और अपनी निगरानी  में  ही  छात्रों की   परीक्षा  करवायी।  छात्रों  की  इस समय  में  बहुत  अच्छी  तैयारी  हुई  है,( और भी कई नवाचार  किये गये  अब तो याद भी नहीं है)   यही  मैं  चाहता भी था । परीषदीय  परीक्षाफल भी शानदार  रहा है।  मेरा  मानना है कि  कि किसी  भी कार्य  को  ईमानदारी  व  पूर्ण मनोयोग  से किया  जाय तो  सफलता  निश्चित  मिलती है। शिक्षा  में  तो नवाचार  बहुत ही प्रभावशाली  होता है,   इसलिए   इसमें  लगे सभी  लोगों को   समय  समय  पर  शिक्षा  देने व लेने   मे   नवाचार  का उपयोग  करना चाहिए,नवाचार  क्या है नवाचार (Innovation) एक प्रक्रिया है जिसमें नए विचारों, उत्पादों, सेवाओं, या प्रक्रियाओं का विकास और कार्यान्वयन किया जाता है, जो किसी समस्या का समाधान करते हैं या मूल्य जोड़ते हैं। नवाचार का उद्देश्य अक्सर बेहतर परिणाम, अधिक दक्षता, या नए अवसर पैदा करना होता है। क्या आपको लगता है कि नवाचार किसी विशिष्ट क्षेत्र में कैसे लागू किया जा सकता है? यह  बहुत  ही आनन्द  देने  वाला  होता है , ये वाला  ब्लाग  शिक्षा  से जुड़े  लोगों  के लिए व छात्रों  के लिए  बहुत ही  लाभदायक  होगा  ऐसा  मेरा  मानना है  । चरैवेति चरैवेति। 


 




 

टिप्पणियाँ

  1. सादर प्रणाम 🙏नई शिक्षा पद्धति 2020 का मुख्य उद्देश्य भी यही नवाचार है जिसे आप वर्षों पहले कर चुके हो। बहुत ही उपयोगी

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