विषयगत- परीक्षा (सामान्य-1)
क्या कभी आपने अपने पढ़ने वाले बच्चों से यह पूछा? कि बेटा जो आप पढ रहे हैं, उन किताबों के नाम क्या - क्या हैं ?और यदि उसने नाम बता दिया तो अमुक किताब में कितने पाठ ( chapter) संख्या में है ? और यदि उसने पाठों की संख्या भी बता दी, उन सभी पाठों के नाम क्या क्या है ? यदि उसने यह भी बता दिये हैं, निसन्देह आपका बच्चा अपने कार्य के बारे मे पूरी जानकारी रखता है। यह एक छोटा वार्तालाप है , आपने अभी तक नहीं पूछा है, तो आज पूछ कर देखना और आकलन कर लेना, यह कार्य मैं आपके लिए छोड़ रहा हूँ ,जिससे आप अपने बच्चों के बारे में आकलन कर सकते हैं । वर्तमान में समय में कोई भी परिवार सबसे अधिक चिन्तित है तो वह अपने नयी पीढ़ी (बच्चों की शिक्षा को लेकर है। ) इसके लिए स्वयं भी देखने की आवश्यकता है , मेरे पूर्व के ब्लॉग में इस पर काफी कुछ बात की गयी है। किसी भी कक्षा पढाई के बाद साल के अन्त में उस विषय-वस्तु की समझ के लिए एक परीक्षा आयोजित होती है और सम्बंधित शिक्षक उसकी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करते हैं और यह तय होता है कि छात्र ने अपना कार्य ठीक से किया है, या बहुत अच्छे से किया है या लापरवाही से किया है। वैसे तो मानव जीवन में पल- पल में परीक्षा देने के अवसर आते हैं लेकिन जिस परीक्षा से हमारी दिशा व दशा तय हो हमारे व्यक्तित्व का विकास हो , उसका महत्व निश्चित ही अधिक होगा। एक परीक्षा वह है जो हम विषयों की समझ के लिए देते हैं और साल के अन्त में देते हैं और हम स्कूलों या उच्च शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ने के बाद देते हैं। दूसरी परीक्षा वह है जो हम किसी व्यवसाय में जाने के लिए देते हैं दोनों परीक्षा में ही बहुत अन्तर है स्कूली या उच्च शिक्षा परीक्षा में यदि Mnimum Marks ले आते हैं तो आप उत्तीर्ण घोषित किये जाते हैं, लेकिन किसी प्रतियोगिता की परीक्षा मे आप को निर्धारित अक लाना ही होता है तभी आपका चयन होता है और आप व्यवसाय के लिए चुनें जाते हैं। आज मै अपने अनुभव के आधार पर स्कूली परीक्षा की बात करूगा। स्कूली शिक्षा की परीक्षा मे वैसे तो इसमें उत्तीर्णाक तय होते हैं परन्तु मेरा मानना है कि यदि इसको व्यवसायिक परीक्षा में जाने के लिए नीव माना जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी उदाहरण के लिए यदि आप चिकित्सक के रूप में कार्य करना चाहते हैं तो आपका स्कूली स्तर पर भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान विषयक जानकारी बहुत ही अच्छी होनी चाहिए, अच्छी का अर्थ यह है कि आपको वह सब कुछ आता है जो कि आपके पाठ्यक्रम में है तभी आप मेडिकल की परीक्षा में सफल हो पायेगें, यदि ऐसा आप कर पा रहे हैं तो आपको कोई चिकित्सक बनने से रोक नहीं सकता है, और यह प्रक्रिया सभी विषयों पर लागू रहेगी । यदि कोई chapter आपको कठिन लग रहा है तो इसमें दूसरों की सहायता ले सकते हैं। पढना तो आपको (छात्र को,) ही है । अब यदि पढ़ने के लिए तैयार है तो 1-क्या आप के पास वह सभी पुस्तकें हैं जो कि उस कक्षा की है ? 2- क्या आप नियमित रूप से पढनें के लिए अपने संस्थान में जाते हैं। 3- स्कूल के पढ़ने के समय को छोड़कर घर में पढ़ने के लिए कोई समय निर्धारित विषयों, को लेकर तय किया है। यदि नहीं तो कर लीजिये, आदि और भी कई बातें सहायक हो सकती, जिसे आप पढने में सहायक समझते है , और करना आप आवश्यक मानते हैं तो कीजिए , अवश्य कीजिए लेकिन उदेश्य याद रखना चाहिए। शिक्षा के मेरे अनुभव को मेरे विचार dcgaur.blogspot.com पर पढ सकते हैं ,अपना लक्ष्य हमेशा याद रहना चाहिए। चरैवेति चरैवेति।
विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक दृष्टि से उपयोगी आलेख
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