ईर्ष्या (Jealous )
किसी भी व्यक्ति या मनुष्य में ईर्ष्या की भावना एक बहुत बड़ी विकृति है, जो कि एक गहरी टीस की तरह अंदर ही अंदर व्यक्ति को पीड़ित करती रहती है और खोखला करती हैं ।यह एक ऐसे दर्दनाक दलदल है, जो अपने में कितनों को डुबोए रहता है, और आसपास के वातावरण को इस दुर्गंध से प्रदूषित करती रहती है। ईर्ष्या की गहरी पीड़ा सभी प्रकार की सुख शांति, चैन खुशी को हरण कर लेती है और बदले में जलन,कुढन प्रदान करती रहती है ।यह हमे आत्मविमुख करती है और पतन पराभव की अंधेरी सुरंग में धकेल देती है जिससे बाहर निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं देता है। आखिर ईर्ष्या पैदा क्यो होती है ? आप सभी पाठकों का भी इसमें अपना अपना अनुभव होगा, कि इसके पीछे का क्या मनोविज्ञान है ?यह एक रोचक तथ्य है ,जिसके जबाब इस त...