परिवर्तन (Changes)
जीवन में परिवर्तन आवश्यक होता है, परिवर्तन जीवंतता का प्रतीक है। स्थिर और अचल स्थिति में जड़ पदार्थ और निष्णा शरीर ही रहते हैं । यदि जीवन चेतना का अस्तित्व है तो परिस्थितियों में परिवर्तन या उतार चढ़ाव नितान्त आवश्यक एवं स्वाभाविक है। बहुत सारे लोगों का मत होता है कि अनुकूल परिस्थितियां विकास एवं प्रगति में सहायक होती हैं तो प्रतिकूलता अवरोधक, कुछ सीमा तक इसे सही भी मान सकते हैं लेकिन सभी स्थितियों में यह लागू नहीं होता है। मनोबल सम्पन्न लोगों के लिए प्रतिकूलता भी चुनौती होती है और अनुकूलता के अपेक्षा कृत कहीं अधिक सहायक सिद्ध होती है। आपका अपना अनुभव होगा कि कई व्यक्ति प्रतिकूलताओं के भय से वर्तमान ढर्रे को बदलते हुए घबराते है और सोचते हैं कि ...