मानव कर्तव्य
मनुष्य जब जन्म लेता है तो वह सपाट मस्तिष्क के साथ पैदा होता है और धीरे-2 जिस वातावरण में रहता है, उसी के अनुरूप उसमें गुण/अवगुण समाहित हो जाते हैं ।वातावरण से मेरा आशय परिवार, माता-पिता, भाई-बहिन, आस-पास का पडो़स, सहपाटी, शिक्षक से है जिनके सानिध्य में उसने शिक्षा पायी है, या जिन के सम्पर्क में रहते है, आदि से है । बच्चे पर प्रराम्भिक प्रभाव घर के वातावरण का या घर पर की शिक्षा का ही परलक्षित होगा, तय मानिये कि इस में कोई शंका करने की आवश्यकता नहीं है। पुराने समय से यह बात चली आ रही है कि जब कोई परिवार अपने बच्चों को कोई रिश्ता खेाजता है तो इस बात का ख्याल रखता है कि अच्छे संस्कार/घर परिवार की लड़की/ लड़का हो। मैं समझता हॅू कि इस वाक्य में यही प्रमुख बात रही होगी कि अच्छा संस्कार युक्त ही अपने आने वाले बच्चों/पीड़ी को भी संस्कारित करेगा या काफी कुछ अच्छा/बुरा अपने आप मॉ/बाप से बच्चे में स्थानान्तरित हो जायेगा। आज हर मॉ/बाप चाहते हैं कि मेरा बच्चा सबसे अलग हो और उसमें सभी विलक्षण प्रतिभायें समाहित हों परन्तु, यह हो नही पाता है, इन्ह...